सर ख़ुशी की ज़ीस्त में सौगात लेकर आएगा
जब कोई बच्चा नए जज़्बात लेकर आएगा
वक़्त जब मजबूरिये - हालात लेकर आएगा
खून में डूबे हुए दिन - रात लेकर आएगा
गम तेरी बर्बादियों का देख लेना एक दिन
जान पर मेरी कई सदमात लेकर आएगा
अब वो मेरे सहने - दिल में जब भी रक्खेगा क़दम
मेरे हिस्से की ख़ुशी भी साथ लेकर आएगा
मेरे ज़ख्मों को वो फिर से ताज़ा करने के लिए
बातों - बातों में पुरानी बात लेकर आएगा
हम ग़रीबों की दुआओं का नया बादल ''ज़हीन''
रहमतों की इक नयी बरसात लेकर आएगा
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