तेरी आदत सी होगई है,
दिल कि तू राहत सी होगई है,
तेरी जुदाई ना मंज़ूर है कभी,
दिल से दिल कि दूरी ना मंज़ूर है कभी,
मेरे इजहार-ये-इश्क कि मुझे हमेशा ग़म रहेगी,
तुझसे ना कह पाने कि सजा रहेगी,
सबक मेरे बातों में नहीं ज़िन्दगी में रहेगी,
तेरे वफ़ा को सलाम, जुदाई से कफा रहेगी
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