lucknow k nawab ki shayyiri
urdu ghazals, shayari.
Sunday, June 7, 2009
unknown
कोई
हँसे
तो
तुझे
गम
लगे
हँसी
ना
लगे !
दिल्लगी
भी
तेरे
दिल
को
दिल्लगी
न
लगे !!
तू
रोया
करे
उठ
के
चाँद
रातों
में !!!
खुदा
करे
की
तेरा
मेरे
बगैर
जी
न
लगे
!!!!
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