lucknow k nawab ki shayyiri
urdu ghazals, shayari.
Saturday, June 6, 2009
naeem akhtar burhanapuri ki shayyiri
चंद
खुशियों
की
अता
कर
के
उजाले
मुझको
कर
दिया
दुनिया
के
हवाले
मुझको
जिनको
सूरज
मेरी
चोखट
से
मिला
करते
था
अब
वोह
खैरात
में
देते
हैं
उजाले
मुझको
मैं
हूँ
कमजोर
मगर
इतना
भी
कमजोर
नही
टूट
जाएँ
न
कहीं
तोड़ने
वाले
मुझको
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