lucknow k nawab ki shayyiri
urdu ghazals, shayari.
Thursday, June 4, 2009
meer ki shayyiri
यारो मुझे मुआफ करो मैं नशे में हूँ
अब तो जाम खाली ही दो मैं नशे में हूँ
माज़ूर[helpless] हूँ जो पाऊँ मेरे बेतरह पड़े
तुम सर-गरां[annoyed] तो मुझसे न हो मैं नशे में हूँ
या हाथों हाथ लो मुझे जैसे के जाम-ए-मय
या थोडी दूर साथ चलो मैं नशे में हूँ
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