इश्क को बेनकाब होना था
आप अपना जवाब होना था
तेरी आँखों का कुछ कसूर नही
हाँ, मुझी को ख़राब होना था
दिल की जिस पर है नक्श-ऐ-रंग-रंग
उसको सदा किताब होना था
हमने नाकामियों को ढूंढ लिया
अखिराश कामयाब होना था
Friday, May 29, 2009
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