lucknow k nawab ki shayyiri
urdu ghazals, shayari.
Friday, May 29, 2009
bashir badr ki shayyiri
फूल
सा
कुछ
कलाम
और
सही
एक
ग़ज़ल
उसके
नाम
और
सही
उसकी
जुल्फें
बहुत
घनेरी
हैं
एक
शब्
का
कयाम
[
stay
]
और
सही
ज़िन्दगी
के
उदास
किस्से
हैं
एक
लड़की
का
नाम
और
सही
कारसियों
को
सुनाइए
गज़लें
क़त्ल
की
एक
शाम
और
सही
कपकपाती
है
रात
सीने
में
ज़हर
का
एक
जाम
और
सही
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