शुज़ूदे शोके मोहोम्मद जो तूल हो जाये
मुझे यकीन है रहमत नुज़ूल हो जाये
इस एहतमाम से करना सबाल आका से
न कोई बात ज़बा से फुज़ूल हो जाये
ये मेरे दिल की तमन्ना है ये ही हसरत है
ये मेरा जिस्म मदीने की धूल हो जाये
pado नमाज़ pado मोमिनों नमाज़ pado
न जाने कोन सा सजदा कुबूल हो जाये
जो गुज़रे इश्के नबी में हयात राही की
कसम खुदा की तो कीमत बसूल हो जाये
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