Monday, April 13, 2009

zubeen rahee ki shayyiri

खाके करबल की बात क्या कहेना !
आले अहमद की ज़ात क्या कहेना !!
सेर :- दीने अहमद ने जिंदिगी पाई !
दस मोहर्रम की रात क्या कहेना !!
सेर:- तपता सेहेरा बना दिया जन्नत !
इब्ने हेदार की बात क्या कहेना !!
सेर:- यादे सरबर में आई आखों में
आसुओं की बारात क्या कहेना !!
सेर :- कर्बला के तबील सजदे में !
झुक गई कायनात क्या कहेना !!
सेर:- अज़्मते दीं बचाई सजदे ने !
सजदे की बात क्या कहेना !!
सेर :- कदमे शब्बीर ने बदल डाली !
कर्बला की सिफात क्या कहेना !!
मखता :- बज़्मे मेराज भी सज गई राही !
आज की चाँद रात क्या कहेन

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