Monday, April 13, 2009

buniyad hussain ''zaheen'' bikaneri ki shayyiri

मेरे दिल की हर इक वफ़ा तू है
मेरी साँसों का सिलसिला तू है
मेरी धड़कन की इंतिहा तू है

जों महकती है वो दुआ तू है
आरज़ू तू है इल्तिजा तू है

मुझसे वाबस्ता है ख़ुशी तेरी
खुद से प्यारी है ज़िन्दगी तेरी
मेरे दिल में है रोशनी तेरी

दिल में रोशन है जों दुआ तू है
आरज़ू तू है इल्तिजा तू है

तेरी हर सांस पे इजारा है
तुझको हर सांस ने पुकारा है
तेरा गम ज़िन्दगी से प्यारा है

इस ज़माने में आसरा तू है
आरज़ू तू है इल्तिजा तू है

तेरा दिल हर घड़ी महकता रहे
तेरा चेहरा सदा दमकता रहे
देखकर तुझको दिल धड़कता रहे

बस दुआओं की इक दुआ तू है
आरज़ू तू है इल्तिजा तू है

प्यार का दिन है आओ प्यार करें
एक - दूजे पे दिल निसार करें

Ref : असरे-क़लम

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