मेरी पागल मोहब्बत तुम्हें याद आएगी,
जब चाँद सितारे चमक रहे हो
जब यादों के फूल महक रहे हो
जब दीद को नैन तरस रहे हो
जब आँखों से आंसू बरस रहे हो
मेरी पागल मोहब्बत तुम्हें याद आएगी
जब तन्हाई से दिल घबराएगा
जब तुम्हें अकेलापन सताएगा
जब कोई ख्वाब ही न आएगा
जब फूल किताब में ही रह जाएगा
मेरी पागल मोहब्बत तुम्हें याद आएगी
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