मय पिलाकर आपका क्या जाएगा
जाएगा इमाँ जिसका जाएगा
देख कर मुझको वो शरमा जाएगा
ये तमाशा किस से देखा जाएगा
जाऊं बुत-खाने से क्यूँ काबे को मैं
हाथ से ये भी ठिकाना जाएगा
कतल की जब उसने दी धमकी मुझे
कह दिया मैंने भी देखा जाएगा
पी भी ले दो घूँट जाहिद पी भी ले
मैकदे से कौन प्यासा जाएगा
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment