Friday, June 5, 2009

unknown

मेरा दिन भी तुम्ही से है
.....तो रात भी......
मेरा हुस्न भी तुम्ही से है
.....तो जात भी......
तू मत खेल इस कदर मेरे जज़्बात से की
मेरा तो आगाज़ भी तुम्ही से है
.....तोह अंजाम भी......
मैं हो तेरे इश्क का कायल इस तरह की
मेरी तो जीत भी तुम्ही से है
.....तो हार भी.......

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