दोस्ती को मात मत कर दोस्ती के नाम पर,
इस तरह की बात मत कर दोस्ती के नाम पर
गर भरोसा उठ आया है हाथ मेरा छोड़ दे
तलख यूँ जज़्बात मत कर दोस्ती के नाम पर
मुझ पे पहले ही ज़माने भर के हैं एहसान बहुत
और एहसानात मत कर दोस्ती के नाम पर
दोस्ती से ही यकीं अपना न उठ जाए कहीं
पैदा वोह हालत मत कर दोस्ती के नाम पर
मुझसे कोई बात कर खोटी खरी अच्छी बुरी
हाँ मगर कुछ बात मत कर दोस्ती के नाम पर
दोस्ती एहसास है एहसास रहने दे उससे
बहस यूँ दिन रात मत कर दोस्ती के नाम पर
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