हँसने नही देता कभी रोने नही देता
ये दिल तो कोई काम भी होने नही देता
तुम मांग रहे हो मेरे दिल से मेरी ख्वाइश
बच्चा तो कभी अपने खिलोने नही देता
मैं आप उठता हूँ शब्-ओ-रोज़ की जिल्लत
ये बोझ मेरा दिल किसी को धोने नही देता
वो आज कहा है इससे तो मैं वाकिफ भी नही हूँ
जो मुझको किसी और का होने नही देता....
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment