ताल्लुक टूट जाएगा मेरा सारे ज़माने से
मेरे अपने ख़फा होंगे तुम्हे अपना बनने में
तुम्हारे साथ रहने से मुझे तस्कीन मिलती है
बोहत तकलीफ होती है तुम्हारे दूर जाने से
मेरे घर को जला देना मगर ये जेहन में रखना
उजाला मिल नही सकता किसी का घर जलाने से
हमारी जान जायेगी तोह तुम फिर जान जोगी
की हासिल कुछ नही होता किसी को आजमाने से
तुम्हारा नाम कैसे मिटा दूँ मैं अपनी कहानी से
बोहत गहरा ताल्लुक है तेरा मेरे फ़साने से
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