Thursday, April 16, 2009

zubeen rahee ki shayyiri

ऐ फातमा के चैन तुझे देखने के बाद
कटती नहीं है रैन तुझे देखने के बाद
मीलता नहीं है चैन तुझे देखने के बाद
ऐ शहे मशर -कैन तुझे देखने के बाद
असगर से रोके वोली फरिश्तो की टोलीया
पथरा गए है नैन तुझे देखने ने के बाद
लव पर अली अली है ज़बा पर अली अली
हैदर के नूरे -ऐन तुझे देखने ने के बाद
रोते थे फूट-फूट कर जीन्नो बशर सभी
खंज़र तले हुसैन तुझे देखने के बाद
तेरे करम से होता है सीव्ते नबी शुरू
राही का लैन-दैन तुझे देखने के बाद

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