बोल के लब आजाद हैं तेरे !
बोल ज़बान अब तक तेरी है !
तेरा सुतवां जिस्म है तेरा !
बोल के आहंगार[blacksmith] की दूकान में !
तुंद[bright] हैं शोले सुर्ख है आहं !
खुलने लगे कुलों के दहाने !
फैला हर एक जंजीर का दामन !
बोल ये थोडा वक़त बहुत है !
जिस्म-०-जुबाँ की मौत से पहले !
बोल के सच जिंदा है अब तक !
बोल जो कुछ कहना है कह ले !
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