मैं तेरी आंखों से नही
इन् में डूब जाने से डरती हूँ
मैं तेरी मुहब्बत से नही
तेरी इन्तहा से डरती हूँ
मैं रात की तारीकी से नही
इस तारीकी में बसी अपनी तन्हाई से डरती हूँ
मुझे बोहत चाहत है तुझे पाने की
लेकिन तेरे दूर जाने से डरती हूँ
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