Friday, June 5, 2009

purnam alahabadi ki shayyiri

आज कोई बात हो गई
वो न आई रात हो गई
जब वो मेरे साथ हो गए
दुनिया मेरे साथ हो गई
जब वो मिलने आए रात को
मेरी चाँद रात हो गई
मुझसे बरहम आप क्या हुआ
सारी कैनात हो गई
ऐ दिल-ए-तबाह ग़म ये है
रुसवा उनकी जात हो गई
मर गए मरीज़-ए-शाम-ए-ग़म
दर्द से निजात हो गई
आ गए वो मेरे घर
मुतमैन हयात हो गई

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