चंद खुशियों की अता कर के उजाले मुझको
कर दिया दुनिया के हवाले मुझको
जिनको सूरज मेरी चोखट से मिला करते था
अब वोह खैरात में देते हैं उजाले मुझको
मैं हूँ कमजोर मगर इतना भी कमजोर नही
टूट जाएँ न कहीं तोड़ने वाले मुझको
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