हम तो चलते हैं लो खुदा हाफिज़
बुत_कदा का बुतों खुदा हाफिज़
कर चुके तुम नसीहतें हमको
जाओ बस नासेहो खुदा हाफिज़
बार यही है हमेशा ज़ख्म पे ज़ख्म
दिल का चारागारों खुदा हाफिज़
आज है कुछ ज़यादा बेताबी
दिल-ए-बेताब को खुदा हाफिज़
क्यूँ हिफाज़त हम और की ढूँढें
हर नफस जब की है खुदा हाफिज़
चाहे रुखसत हो राह-ए-इश्क में अक्ल
ऐ 'ज़फर' जाने दो खुदा हाफिज़
Thursday, June 4, 2009
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