दिया ख़ुद से बुझा देना, हवा को और क्या देना ?
सितारे नोचने वालो, फलक को आसरा देना
कभी इस तौर से हसना, के दुनिया को रुला देना
कभी इस रंग से रोना, के ख़ुद पे मुसकुरा देना
मैं तेरी दस्तरस चहुँ, मुझे ऐसी दुआ देना
मैं तेरा बरमला मुजरिम, मुझे खुल कर सज़ा देना
मैं तेरा 'मुनफरीद साथी', मुझे हा'अत कर ज'जा देना
मेरा सर सब से ऊंचा है, मुझे मकतल नया देना
मुझे अच्छा लगा 'मोहसिन', उससे पा कर गँवा देना
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


No comments:
Post a Comment