दर्द अपनाता है पराये कौन
कौन सुनता है और सुनाये कौन
कौन दोहराए वो पुरानी बात
ग़म अभी सोया है जगाये कौन
वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं
कौन दुःख झेले आजमाए कौन
अब सुकून है तोह भूलने में है
लेकिन उस शख्स को भुलाये कौन
आज फिर दिल है कुछ उदास-उदास
देखिये आज याद आए कौन
Friday, May 29, 2009
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