फूल सा कुछ कलाम और सही
एक ग़ज़ल उसके नाम और सही
उसकी जुल्फें बहुत घनेरी हैं
एक शब् का कयाम[stay] और सही
ज़िन्दगी के उदास किस्से हैं
एक लड़की का नाम और सही
कारसियों को सुनाइए गज़लें
क़त्ल की एक शाम और सही
कपकपाती है रात सीने में
ज़हर का एक जाम और सही
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


No comments:
Post a Comment