जिन्दगी है की हरेक हाल में कट जाती है
आपने दील से भूलाया तो है कोई बात नहीं
आपको याद हमारी भी तो आती होगी
नाम मुँह पर नहीं आया है कोई बात नहीं
हमको खुशबू तो उन आँखों की मीली है हरदम
प्यार अगर मीळ नहीं पाया है कोई बात नहीं
उनके नाखून काटने की है चर्चा घर घर में
हमने सर भी जो कटाया है कोई बात नहीं
फीर बाहारे आयेगी फीर बाग़ में फूलेंगे "गुलाब"
जी तो ऐसे ही भर आया है कोई बात नहीं
Thursday, January 8, 2009
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