ज़िन्दगी का सफ़र हसीन रहा
ये तमाशा तो बेहतरीन रहा
कट रहा था जो गाँव का बरगद
गाँव कैसे तमाशबीन रहा
तू ही था और ना तेरा साया था
कैसे कह दूँ सफ़र हसीन रहा
थोड़ा खिंचते ही देख टूट गया
दिल का रिश्ता बड़ा महीन रहा
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